यदि आप आज समाज, अर्थव्यवस्था और सशस्त्र संघर्षों पर नजर डालें, तो आप केवल यही निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि हमारे ग्रह पर संघर्षों की संख्या बढ़ती जा रही है। व्यक्ति लाखों लोगों पर शासन करते हैं, लेकिन वास्तव में उनके हित में नहीं। क्या इसे रोका जा सकता है, यह प्रश्न से परे है। मैंने इस पर अपने विचार यहां प्रलेखित किये हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप इससे सहमत हैं, बल्कि यह आपको सोचने के लिए प्रेरित करता है।